आज अचानक इस गाने को देख कर अपना रेगिंग का दिन याद आ गया जब हमारे सीनीयर्स जगजीत सिंह जी के दर्द भरे ग़ज़ल पे हम लोगो को डांस करने के लिए बोलते थे..... ग़ज़ल भी मस्त ,दर्द से भरा डांसर भी मस्त लेकिन क्या किया जाये...दर्द भरे ग़ज़ल डांस के लिए नहीं बना है.....
अब आप ही देखिये इस गाने को और बोलिए मैंने क्या कुछ गलत कहा, एक मस्त गायक और मस्त डांसर लेकिन कुछ जमा नहीं......
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