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Monday, June 4, 2007
शारापोवा फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में
Welcome to Yahoo! Hindi: "शारापोवा फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में"
शारापोवा फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में
पेरिस (भाषा), सोमवार, 4 जून 2007
रूस की धुरंधर टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा ने कड़े मुकाबले में दो मैच प्वाइंट बचाने के बाद पैटी श्नाइडर को 3-6, 6-4, 9-7 से शिकस्त देकर फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।कल अंतिम सेट में 7-7 की बराबरी के बाद 30-0 पर सर्विस करते समय एक विवादास्पद अंक शारापोवा के पक्ष में जाने पर उन्हें दर्शकों के तानों का भी सामना करना पड़ा। श्नाइडर ने शारापोवा की सर्विस होने के बाद कहा कि उन्होंने हाथ उठाकर कुछ समय के लिए ब्रेक माँगा था। अंपायर ने अंक शारापोवा को दिया जो प्रतियोगिता में उनका पहला ऐस था। शारापोवा ने बाद में कहा कि सर्विस करने से पहले उन्होंने श्नाइडर का हाथ नहीं देखा था और जो हुआ उसके लिए उन्हें कोई खेद नहीं है।श्नाइडर दसवें और 14वें गेम में मैच जीतने से मात्र एक अंक दूर थी। इसके अलावा वह 11 मौकों पर जीत से दो कदम दूर थी लेकिन शारापोवा ने सकारात्मक रहते हुए खतरे को टाला और जीत हासिल की। अगले दौर में शारापोवा का मुकाबला अना चाकवेताजे से होगा जिन्होंने चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा को 6-4, 0-6, 6-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।(एपी)
(स्रोत - वेबदुनिया)
और भी...
•
डोपिंगमुक्त राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कड़े उपाय
•
मैच के बाद मची भगदड़, 12 मरे
•
जमैका पुलिस की जाँच की खिल्ली उड़ाई
•
'कप्तानी के लिए तैयार हूँ'
•
साजिद महमूद सीरीज से बाहर
•
शतरंज का भविष्य उज्ज्वल: आनंद
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शारापोवा फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में
पेरिस (भाषा), सोमवार, 4 जून 2007
रूस की धुरंधर टेनिस खिलाड़ी मारिया शारापोवा ने कड़े मुकाबले में दो मैच प्वाइंट बचाने के बाद पैटी श्नाइडर को 3-6, 6-4, 9-7 से शिकस्त देकर फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।कल अंतिम सेट में 7-7 की बराबरी के बाद 30-0 पर सर्विस करते समय एक विवादास्पद अंक शारापोवा के पक्ष में जाने पर उन्हें दर्शकों के तानों का भी सामना करना पड़ा। श्नाइडर ने शारापोवा की सर्विस होने के बाद कहा कि उन्होंने हाथ उठाकर कुछ समय के लिए ब्रेक माँगा था। अंपायर ने अंक शारापोवा को दिया जो प्रतियोगिता में उनका पहला ऐस था। शारापोवा ने बाद में कहा कि सर्विस करने से पहले उन्होंने श्नाइडर का हाथ नहीं देखा था और जो हुआ उसके लिए उन्हें कोई खेद नहीं है।श्नाइडर दसवें और 14वें गेम में मैच जीतने से मात्र एक अंक दूर थी। इसके अलावा वह 11 मौकों पर जीत से दो कदम दूर थी लेकिन शारापोवा ने सकारात्मक रहते हुए खतरे को टाला और जीत हासिल की। अगले दौर में शारापोवा का मुकाबला अना चाकवेताजे से होगा जिन्होंने चेक गणराज्य की लूसी सफारोवा को 6-4, 0-6, 6-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।(एपी)
(स्रोत - वेबदुनिया)
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जमैका पुलिस की जाँच की खिल्ली उड़ाई
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साजिद महमूद सीरीज से बाहर
•
शतरंज का भविष्य उज्ज्वल: आनंद
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Friday, June 1, 2007
BBCHindi.com | कारोबार | अंबानी का आलीशान महल
BBCHindi.com कारोबार अंबानी का आलीशान महल: "अंबानी का आलीशान महल"
भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी अपने लिए एक नई इमारत बनवा रहे हैं, इस इमारत की हर बात ख़ास है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी की इस हवेली में कुछ 600 कर्मचारी होंगे जो परिवार के छह सदस्यों की देखभाल करेंगे.
यह इमारत अगले वर्ष तक बनकर तैयार हो जाएगी, इस साठ मंज़िला इमारत से पूरी मुंबई का नज़ारा दिखाई देगा.
एक मामूली पेट्रोल पंप अटेंडेंट से देश के नंबर वन उद्योगपति बने धीरूभाई अंबानी के बेटे मुकेश और अनिल अंबानी के बीच बँटवारा हो चुका है.
इस इमारत पर लगभग 45 अरब रूपए ख़र्च होंगे, यह ख़बर ऐसे समय पर आई है जबकि हाल ही में मुकेश अंबानी देश के पहले खरबपति बन गए हैं.
बताया गया है कि मुकेश अंबानी समंदर का पूरा नज़ारा लेना चाहते थे इसलिए उन्होंने यह ऊँची इमारत बनवाने का फ़ैसला किया.
इस शानदार इमारत की पहली छह मंज़िलों पर कार पार्किंग होगी, उसके बाद वाली दो मंज़िलों पर हेल्थ क्लब, उसके ऊपर वाली मंज़िलों पर उनका अमला रहेगा.
अंबानी परिवार ऊपर वाली मंज़िलों पर रहेगा. परिवार में मुकेश अंबानी की माँ कोकिला बेन, उनकी पत्नी नीता अंबानी और तीन बच्चे हैं.
इस इमारत में कई स्विमिंग पूल तो होंगे ही और यहाँ हेलिकॉप्टरों के उतरने के लिए हैलिपैड भी बनाया जा रहा है.
इस योजना के आलोचकों का कहना है कि जिस देश में इतनी गरीबी है वहाँ ऐसी इमारत का बनाना धन का अभद्र प्रदर्शन है.
मुकेश अंबानी कुल 20 अरब डॉलर की निजी संपत्ति के मालिक हैं और उनका कारोबार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है जिसमें रिटेल क्षेत्र भी शामिल है.
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भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी अपने लिए एक नई इमारत बनवा रहे हैं, इस इमारत की हर बात ख़ास है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी की इस हवेली में कुछ 600 कर्मचारी होंगे जो परिवार के छह सदस्यों की देखभाल करेंगे.
यह इमारत अगले वर्ष तक बनकर तैयार हो जाएगी, इस साठ मंज़िला इमारत से पूरी मुंबई का नज़ारा दिखाई देगा.
एक मामूली पेट्रोल पंप अटेंडेंट से देश के नंबर वन उद्योगपति बने धीरूभाई अंबानी के बेटे मुकेश और अनिल अंबानी के बीच बँटवारा हो चुका है.
इस इमारत पर लगभग 45 अरब रूपए ख़र्च होंगे, यह ख़बर ऐसे समय पर आई है जबकि हाल ही में मुकेश अंबानी देश के पहले खरबपति बन गए हैं.
बताया गया है कि मुकेश अंबानी समंदर का पूरा नज़ारा लेना चाहते थे इसलिए उन्होंने यह ऊँची इमारत बनवाने का फ़ैसला किया.
इस शानदार इमारत की पहली छह मंज़िलों पर कार पार्किंग होगी, उसके बाद वाली दो मंज़िलों पर हेल्थ क्लब, उसके ऊपर वाली मंज़िलों पर उनका अमला रहेगा.
अंबानी परिवार ऊपर वाली मंज़िलों पर रहेगा. परिवार में मुकेश अंबानी की माँ कोकिला बेन, उनकी पत्नी नीता अंबानी और तीन बच्चे हैं.
इस इमारत में कई स्विमिंग पूल तो होंगे ही और यहाँ हेलिकॉप्टरों के उतरने के लिए हैलिपैड भी बनाया जा रहा है.
इस योजना के आलोचकों का कहना है कि जिस देश में इतनी गरीबी है वहाँ ऐसी इमारत का बनाना धन का अभद्र प्रदर्शन है.
मुकेश अंबानी कुल 20 अरब डॉलर की निजी संपत्ति के मालिक हैं और उनका कारोबार लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है जिसमें रिटेल क्षेत्र भी शामिल है.
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"फूल एन फाइनल : कॉमेडी में एक्शन का तड़का"
Welcome to Yahoo! Hindi: "फूल एन फाइनल : कॉमेडी में एक्शन का तड़का"
फूल एन फाइनल : कॉमेडी में एक्शन का तड़का
- समय ताम्रकर
निर्माता : फिरोज नाडियाडवालानिर्देशक : अहमद खानसंगीत : हिमेश रेशमियाकलाकार : सनी देओल, शाहिद कपूर, आयशा टाकिया, समीरा रेड्डी, विवेक ओबेरॉय, ओमपुरी, परेश रावल, अरबाज खान, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, गुलशन ग्रोवर, शर्मिला टैगोरनिर्माता फिरोज नाडियाडवाला ‘हेराफेरी’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी हिट फिल्मों के बाद ‘फूल एन फाइनल’ नामक फिल्म लेकर हाजिर हो रहे हैं। इस फिल्म से बॉलीवुड को बेहद आशाएँ हैं। फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है जो ‘लकीर’ जैसी फ्लॉप फिल्म बना चुके हैं। इस फिल्म में तीन कहानियाँ हैं जो आपस में जुड़ी हुई हैं। गैर कानूनी बॉक्सिंग और हीरे की चोरी पर यह फिल्म आधारित है। इस फिल्म में सभी कलाकारों को स्टाइलिश कैरेक्टर के रूप में पेश किया गया है। उदाहरण के लिए सनी देओल कॉमिकल टाइप किरदार निभा रहे हैं।एक हीरा है जिसके पीछे कई लोग पड़े हुए हैं। कुछ लोग इसे प्यार की खातिर पाना चाहते हैं तो कुछ लोग पैसों की खातिर इसे हथियाना चाहते हैं। राजा (शाहिद कपूर) को टीना (आयशा टाकिया) से प्यार है। वह टीना से शादी करना चाहता है लेकिन टीना के मामा चौबे (परेश रावल) ने यह शर्त रख दीं कि वह हीरा लाकर उसे दे और शादी कर ले। राजा हीरा चुराने के लिए सबसे तेज कार चलाने वाले ड्राइवर (जॉनी लीवर) की मदद लेता है। जब बात नहीं बनती तो वह मशहूर मुक्केबाज मुन्ना (सनी देओल) की मदद लेता है। मुन्ना गैर कानूनी बॉक्सिंग एजेंट लकी (विवेक ओबेरॉय) का एक तरह से बॉडी गार्ड रहता है। पायल (समीरा रेड्डी) मुन्ना को चाहती है क्योंकि उसने उसे गुंडों के चंगुल से मुक्त कराया है। हीरे के पीछे रॉकी (चंकी पांडे), चॉक्सी (गुलशन ग्रोवर) और मॉस्को चिकना (अरबाज खान) जैसे लोग भी पड़े रहते हैं। कहानी में जी 9 (जैकी श्रॉफ) की भी अहम् भूमिका है। ढेर सारे चरित्र, ढेर सारी कहानियाँ और कॉमेडी के साथ एक्शन का तड़का इस फिल्म को देखने लायक बनाता है।
(स्रोत - वेबदुनिया)
और भी...
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झूम बराबर झूम
•
आवारापन : खुशियों की तलाश
•
बॉम्बे टू गोवा : अनोखा सफर
•
द ट्रेन- सम लाइन्स शुड नेवर बी क्रॉस्ड
•
दिल, दोस्ती एटसेट्रा : युवा पीढ़ी का आईना
•
चीनी कम : बेमेल जोड़ी
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फूल एन फाइनल : कॉमेडी में एक्शन का तड़का
- समय ताम्रकर
निर्माता : फिरोज नाडियाडवालानिर्देशक : अहमद खानसंगीत : हिमेश रेशमियाकलाकार : सनी देओल, शाहिद कपूर, आयशा टाकिया, समीरा रेड्डी, विवेक ओबेरॉय, ओमपुरी, परेश रावल, अरबाज खान, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, गुलशन ग्रोवर, शर्मिला टैगोरनिर्माता फिरोज नाडियाडवाला ‘हेराफेरी’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी हिट फिल्मों के बाद ‘फूल एन फाइनल’ नामक फिल्म लेकर हाजिर हो रहे हैं। इस फिल्म से बॉलीवुड को बेहद आशाएँ हैं। फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है जो ‘लकीर’ जैसी फ्लॉप फिल्म बना चुके हैं। इस फिल्म में तीन कहानियाँ हैं जो आपस में जुड़ी हुई हैं। गैर कानूनी बॉक्सिंग और हीरे की चोरी पर यह फिल्म आधारित है। इस फिल्म में सभी कलाकारों को स्टाइलिश कैरेक्टर के रूप में पेश किया गया है। उदाहरण के लिए सनी देओल कॉमिकल टाइप किरदार निभा रहे हैं।एक हीरा है जिसके पीछे कई लोग पड़े हुए हैं। कुछ लोग इसे प्यार की खातिर पाना चाहते हैं तो कुछ लोग पैसों की खातिर इसे हथियाना चाहते हैं। राजा (शाहिद कपूर) को टीना (आयशा टाकिया) से प्यार है। वह टीना से शादी करना चाहता है लेकिन टीना के मामा चौबे (परेश रावल) ने यह शर्त रख दीं कि वह हीरा लाकर उसे दे और शादी कर ले। राजा हीरा चुराने के लिए सबसे तेज कार चलाने वाले ड्राइवर (जॉनी लीवर) की मदद लेता है। जब बात नहीं बनती तो वह मशहूर मुक्केबाज मुन्ना (सनी देओल) की मदद लेता है। मुन्ना गैर कानूनी बॉक्सिंग एजेंट लकी (विवेक ओबेरॉय) का एक तरह से बॉडी गार्ड रहता है। पायल (समीरा रेड्डी) मुन्ना को चाहती है क्योंकि उसने उसे गुंडों के चंगुल से मुक्त कराया है। हीरे के पीछे रॉकी (चंकी पांडे), चॉक्सी (गुलशन ग्रोवर) और मॉस्को चिकना (अरबाज खान) जैसे लोग भी पड़े रहते हैं। कहानी में जी 9 (जैकी श्रॉफ) की भी अहम् भूमिका है। ढेर सारे चरित्र, ढेर सारी कहानियाँ और कॉमेडी के साथ एक्शन का तड़का इस फिल्म को देखने लायक बनाता है।
(स्रोत - वेबदुनिया)
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झूम बराबर झूम
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आवारापन : खुशियों की तलाश
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बॉम्बे टू गोवा : अनोखा सफर
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द ट्रेन- सम लाइन्स शुड नेवर बी क्रॉस्ड
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दिल, दोस्ती एटसेट्रा : युवा पीढ़ी का आईना
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चीनी कम : बेमेल जोड़ी
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Welcome to Yahoo! Hindi: "शनि की कृपा"
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शनि की कृपा
- संत प्रियदर्शी
शनि रहस्यमयी देवता हैं। पृथ्वी से दिखाई पड़ने वाली आकाशगंगा के नवग्रहों में से सूर्य से दूरी के क्रम से छठवाँ, सात वलयों वाला शनि ग्रह भी रहस्यमयी है। शनि ग्रह को शनि देवता का प्रतीक रूप माना जाता है। इसलिए शनि की उपासना के लिए शनि ग्रह के पूजन का विधान है। आधुनिक विज्ञान के ज्ञान से लोग प्रश्न किया करते हैं कि शनि ग्रह के पूजन से शनिदेव किस प्रकार प्रसन्न हो सकते हैं? लेकिन संपूर्ण दृश्य जगत चिन्मय है और जड़ नाम का कोई तत्व विद्यमान नहीं है। देवता की प्रसन्नता के लिए प्रतीक का पूजन किया जा सकता है, जो फलदायी होता है। शनिदेव की कृपा के लिए शनि यंत्र के रूप में शनि ग्रह ब्रह्मांड में दृष्टिगोचर हैं।शनि ग्रह की गति सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते अन्य ग्रहों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए इन्हें शनैश्चर कहा गया है। शनि भगवान, शनिदेव भी इन्हें ही कहा जाता है। संस्कृत के 'शनये कर्मति सः' का अर्थ है 'जो धीरे चले'। शनि ग्रह सूर्य की पूरी प्रदक्षिणा करने में 30वर्ष लगाता है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार सूर्य सहित 9 ग्रह और 12 प्रकार के आकार में दिखने वाले तारा समूह हैं, जिन्हें राशियाँ कहा जाता है। इस प्रकार शनि ग्रह प्रत्येक राशि पर 2.5 वर्ष व्यतीत करता है। ज्योतिष के अनुसार शनि अपनी धीमी चाल के कारण जिस राशि में रहता है उसके 2.5 वर्ष, उसकी पूर्व की राशि के 2.5 और पश्चात की राशि के 2.5 वर्ष, इस प्रकार एक राशि पर कुल साढ़े सात वर्ष (7.5) वर्ष तक प्रभाव डालता है। इसे ही शनि की 'साढ़ेसाती' कहते हैं। शनि का प्रभाव भी उसकी राशि पर स्थिति के अनुसार वर्ष के क्रम में कठोर होता चला जाता है। शनि की साढ़ेसाती से लोग भयभीत रहते हैं। यह आत्मावलोकन और कर्मों में सुधार का समय होना चाहिए। शनि देवता और शनि ग्रह लोक मानस में इतना रचे-बसे हैं कि जब-जब शनिदेव की बात चलती है तो वह शनि ग्रह पर केंद्रित होकर रह जाती है। शनिदेव का भय भी लोगों को बहुत सताता है। यह प्रबुद्धजनों को तय करना चाहिए कि देवता की कृपा चाहिए कि ग्रह की कुदृष्टि से बचना है। संतों की राय में तो कृपा की विनय से सारे काम बना करते हैं।
(स्रोत - वेबदुनिया)
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शनि की कृपा
- संत प्रियदर्शी
शनि रहस्यमयी देवता हैं। पृथ्वी से दिखाई पड़ने वाली आकाशगंगा के नवग्रहों में से सूर्य से दूरी के क्रम से छठवाँ, सात वलयों वाला शनि ग्रह भी रहस्यमयी है। शनि ग्रह को शनि देवता का प्रतीक रूप माना जाता है। इसलिए शनि की उपासना के लिए शनि ग्रह के पूजन का विधान है। आधुनिक विज्ञान के ज्ञान से लोग प्रश्न किया करते हैं कि शनि ग्रह के पूजन से शनिदेव किस प्रकार प्रसन्न हो सकते हैं? लेकिन संपूर्ण दृश्य जगत चिन्मय है और जड़ नाम का कोई तत्व विद्यमान नहीं है। देवता की प्रसन्नता के लिए प्रतीक का पूजन किया जा सकता है, जो फलदायी होता है। शनिदेव की कृपा के लिए शनि यंत्र के रूप में शनि ग्रह ब्रह्मांड में दृष्टिगोचर हैं।शनि ग्रह की गति सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते अन्य ग्रहों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए इन्हें शनैश्चर कहा गया है। शनि भगवान, शनिदेव भी इन्हें ही कहा जाता है। संस्कृत के 'शनये कर्मति सः' का अर्थ है 'जो धीरे चले'। शनि ग्रह सूर्य की पूरी प्रदक्षिणा करने में 30वर्ष लगाता है। भारतीय ज्योतिष के अनुसार सूर्य सहित 9 ग्रह और 12 प्रकार के आकार में दिखने वाले तारा समूह हैं, जिन्हें राशियाँ कहा जाता है। इस प्रकार शनि ग्रह प्रत्येक राशि पर 2.5 वर्ष व्यतीत करता है। ज्योतिष के अनुसार शनि अपनी धीमी चाल के कारण जिस राशि में रहता है उसके 2.5 वर्ष, उसकी पूर्व की राशि के 2.5 और पश्चात की राशि के 2.5 वर्ष, इस प्रकार एक राशि पर कुल साढ़े सात वर्ष (7.5) वर्ष तक प्रभाव डालता है। इसे ही शनि की 'साढ़ेसाती' कहते हैं। शनि का प्रभाव भी उसकी राशि पर स्थिति के अनुसार वर्ष के क्रम में कठोर होता चला जाता है। शनि की साढ़ेसाती से लोग भयभीत रहते हैं। यह आत्मावलोकन और कर्मों में सुधार का समय होना चाहिए। शनि देवता और शनि ग्रह लोक मानस में इतना रचे-बसे हैं कि जब-जब शनिदेव की बात चलती है तो वह शनि ग्रह पर केंद्रित होकर रह जाती है। शनिदेव का भय भी लोगों को बहुत सताता है। यह प्रबुद्धजनों को तय करना चाहिए कि देवता की कृपा चाहिए कि ग्रह की कुदृष्टि से बचना है। संतों की राय में तो कृपा की विनय से सारे काम बना करते हैं।
(स्रोत - वेबदुनिया)
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